Wednesday, January 15, 2020

"फांसी" के बारे में 13 रोचक तथ्य | 13 Interesting Facts about "Hanging" in Hindi


हमारे देश के दंड विधान में फांसी की सजा सबसे बड़ी सजा है। भारत में किसी भी दोषी को फांसी (Hanging) पर चढ़ाए जाने के पहले लंबी प्रक्रिया होती है। फांसी की सजा सुनाये जाने से लेकर फांसी दिए जाने तक अनेक नियम-कानूनों का सामना करना पड़ता है। फांसी की सजा से जुड़ी कई रोचक बातें हैं। उनमें से 13 रोचक बातें निम्नलिखित हैं:

1. फांसी का फैसला जिस पेन से लिखा जाता है, फैसला लिखने के पश्चात उसकी निब जज द्वारा तोड़ दी जाती है।



2. डेथ वारंट जारी होने के बाद जेल प्रशासन का काम होता है कैदियों को मानसिक रूप से मौत के लिए तैयार करना। उन्हें एक अलग कोठरी में शिफ्ट किया जाता है और उनकी लगातार निगरानी की जाती है।

3. डेथ वारंट से फांसी होने तक दोषी कैदियों की लगातार काउंसलिंग की जाती है। उन्हें सादा खाना और एक जोड़ी कपड़े मिलते हैं। अगर वे चाहें तो धार्मिक ग्रंथों का पाठ भी सुन सकते हैं।

4. फांसी देने के समय सजायाफ्ता अपराधी के अतिरिक्त जेल अधीक्षक, मजिस्ट्रेट, डॉक्टर और जल्लाद मौजूद रहते हैं। इनकी उपस्थिति के बिना फांसी नहीं दी जा सकती।

5. फांसी सदैव सूर्योदय से पहले दी जाती है।

6. फांसी देने के लिए विशेष रस्सी का इंतजाम किया जाता है। यह रस्सी सिर्फ बिहार की बक्सर जेल में बनती है और इसे 'मनीला रोप' कहा जाता है।

7. फांसी का फंदा जेल में सजा काट रहे कैदी ही तैयार करते हैं। 

8. फांसी होने से पहले फांसी की रस्सी को चेक किया जाता है। फिर उस रस्सी के साथ एक डमी फांसी दी जाती है, जिसमें फांसी पाए दोषी के शरीर के वजन से डेढ़ गुना ज्यादा वजन का डमी पुतला तैयार किया जाता है।

9. फांसी देने से पहले रस्सी पर मोम या मक्खन लगाया जाता है। ऐसा इसलिए किया जाता है कि यह गर्दन को छीले नहीं बल्कि आराम से दबाव बनाए और साथ ही फंदे के लिए लगाई गई गांठ कहीं अटके नहीं।

10. फांसी से पहले कैदी की आखिरी इच्छा पूँछी जाती है। आखिरी इच्छा में कोई विशेष धर्मग्रन्थ पढ़ना, कोई विशेष व्यंजन खाना या अपने परिजनों से मिलना शामिल होता है।

11. फांसी देने से पहले जल्लाद मरने वाले से माफ़ी मांगता है।

12. फांसी से पहले कैदी के चेहरे को काले कपड़े से ढक दिया जाता है और फांसी पर लटका दिया जाता है।

13. फांसी देते वक्त सब काम इशारों में ही होता है ताकि कैदी विचलित न हो। फांसी के बाद चिकित्सक शव की जांच करके मौत की पुष्टि करते हैं। 




Monday, April 22, 2019

"धूम्रपान" के बारे में 17 खतरनाक तथ्य | 17 Dangerous Facts about "Smoking" in Hindi


धूम्रपान के बारे में कई खतरनाक बातें हैं। उनमें से 17 बातें निम्नलिखित हैं:

1. पन्द्रहवीं सदी में मुगलकाल बादशाह अकबर के वैद्य अब्दुल ने हुक्के का आविष्कार किया था।
 
2. भारत में वर्नेल नामक पुर्तगाली ही तंबाकू को लेकर आए थे।
 
3. भारत में सन् 1609 के आसपास धूम्रपान की शुरूआत हुई।
 
4. अमेरिका में लोगों ने तंबाकू को पत्ते में लपेटकर बीड़ी के रूप में पीना शुरू किया था।
 
5. इंग्लैण्ड वासी ने तंबाकू को कागज में लपेटकर धूम्रपान के रूप में इस्तेमाल करना शुरू‍ किया।
 
6. चीन और ब्राजील के बाद भारत तीसरा सबसे बड़ा तम्बाकू उत्पादक देश है।
 
7. 20 फीसदी तम्बाकू का इस्तेमाल सिगरेट में होता है।
 
8. दुनियाभर में हर साल करीब 5.5 खरब सिगरेट का उत्पादन होता है और एक अरब से ज्यादा लोग इसका सेवन करते हैं।
 
9. विश्व में हर 8 सेकिण्ड में धूम्रपान की वजह से एक व्यक्ति की मौत होती है।
 
10. 90 प्रतिशत मुंह का कैंसर, 90 प्रतिशत फेफड़े का कैंसर और 77 प्रतिशत नली का कैंसर धूम्रपान सेवन करने से है।
 
11. विश्व में 80 फीसदी धूम्रपान करने वाले लोग ‌निम्न एवं मध्यम आय वाले विकासशील देशों में रहते हैं।
 
12. चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, 5 से 10 सिगरेट रोज पीने वाले व्यक्ति को दिल का दौरा पड़ने की आशंका दोगुना ज्यादा बढ़ जाती है।
 
13. एक सिगरेट को पीने से जीवन के 5 मिनट कम हो जाते है।
 
14. अगर आप रोज 20 सिगरेट (एक सिगरेट की कीमत 12 रुपए) पीते हैं, तो आप एक दिन में 240 रुपए कि सिगरेट पीते है और एक साल में 87, 600 रुपए की सिगरेट पी जाते है, और 18 साल 50 साल के बीच आप सिगरेट पर कुल 28,03200 रुपए धुंए में उडा चुके होंगे।
 
15. धूम्रपान जनित रोगों से निपटने में भारत सरकार का लगभग 27 हजार करोड़ रूपए प्रतिवर्ष खर्च हो रहा है।
 
16. अमेरिका के शहर मोंटाना में 2002 में धूम्रपान पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद हार्ट अटैक की घटनाओं में 40 प्रतिशत की कमी आई है।
 
17. तंबाकू और धूम्रपान के दुष्परिणामों को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन के सदस्य देशों ने इसके लिए एक प्रस्ताव रखा जिसके बाद हर साल 31 मई को तंबाकू निषेध दिवस मनाने का निर्णय लिया गया। तभी से 31 मई को प्रतिवर्ष विश्व धूम्रपान निषेध दिवस के रूप में इसे मनाया जाता है। 





Tuesday, March 26, 2019

"क़ुतुब मीनार" के बारे में 11 रोचक तथ्य | 11 Interesting Facts about "Qutub Minar" in Hindi


क़ुतुब मीनार भारत में दक्षिण दिल्ली शहर के महरौली भाग में स्थित है। क़ुतुब मीनार से जुड़ी कई रोचक बातें हैं। उनमें से 11 रोचक बातें निम्नलिखित हैं:


1.
क़ुतुब मीनार का निर्माण गुलाम वंश के शासक कुतुबुद्दीन ऐबक ने 1193 ई० में शुरू कराया था किन्तु कुतुबुद्दीन ऐबक ने क़ुतुब मीनार का आधार ही बनवाया था इसके बाद उसके उत्तराधिकारी इल्तुतमिश ने इसमें तीन मंजिलों को बढ़ाया और सन 1368 में फीरोजशाह तुगलक ने पांचवी और अन्तिम मंजिल बनवाई।

2. कहते हैं कि क़ुतुब मीनार का नाम ख़्वाजा क़ुतबुद्दीन बख्तियार काकी के नाम पर रखा गया था।

3. ऐसा भी कहा जाता है कि
क़ुतुब मीनार का वास्तविक नाम विष्णु स्तंभ है जिसे कुतुबदीन ने नहीं बल्कि सम्राट चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य के नवरत्नों में से एक और खगोलशास्त्री वराहमिहिर ने बनवाया था।

4. क़ुतुब मीनार ईंट से बनी विश्व की सबसे ऊँची मीनार है। इसकी ऊँचाई 72.5 मीटर और व्यास 14.3 मीटर है, जो ऊपर जाकर शिखर पर 2.75 मीटर हो जाता है।

5. पाँच
मंजिला क़ुतुब मीनार की तीन मंजिले लाल बलुआ पत्थर से एवं अन्य दो मंजिले संगमरमर एवं लाल बलुआ पत्थर से बनाई गयी हैं और प्रत्येक मंजिल के आगे बॉलकनी स्थित है।

6. क़ुतुब मीनार में 379 सीढ़ियां हैं।

7.
क़ुतुब मीनार परिसर में क़ुतुब मीनार, कुब्बत-उल-इस्लाम मस्जिद, अलाई मीनार, आली दरवाजा, लौह स्तंभ और इल्तुत्मिश का मकबरा स्थित है।

8.
क़ुतुब मीनार के परिसर में स्थित लौह स्‍तंंभ की खासियत यह है कि सैकड़ों वर्ष पुराना होने के बाद भी इस स्‍तंंभ में अभी तक जंग नहीं लगी है।
 

9. क़ुतुब मीनार पुरातन दिल्ली शहर, ढिल्लिका के प्राचीन किले लालकोट के अवशेषों पर बनी है। ढिल्लिका अन्तिम हिन्दू राजाओं तोमर और चौहान की राजधानी थी।

10.
क़ुतुब मीनार बहुत प्राचीन इमारत है और एतिहासिक रूप से क़ुतुब मीनार जैसी कई इमारतें और हैं जैसे कि द टॉम्ब ऑफ़ इल्युमिश, अलाई दरवाजा, अला-उद-दिन मदरसा, ज़मीन टॉम्ब आदि।

11. क़ुतुब मीनार परिसर युनेस्को द्वारा विश्व धरोहर के रूप में स्वीकृत किया गया है।   


Sunday, March 24, 2019

"ताजमहल" के बारे में 16 रोचक तथ्य | 16 Interesting Facts about "Tajmahal" in Hindi


ताजमहल से जुड़ी कई रोचक बातें हैं। उनमें से 16 रोचक बातें निम्नलिखित हैं:

1. ताजमहल, भारत के आगरा शहर में स्थित एक विश्व धरोहर मक़बरा है। इतिहास के अनुसार इसका निर्माण मुग़ल सम्राट शाहजहाँ ने, अपनी पत्नी मुमताज़ महल की याद में करवाया था।

2. ताजमहल को बनाने में 22 वर्ष का समय लगा था। इस को बनाने का काम 1632 में शुरू हुआ था जो 1653 में ख़त्म हुआ। 

3. कहा जाता है कि
ताजमहल को बनाने में लगभग 22000 मजदूरों का हाथ था। ऐसा भी कहा जाता है, कि शाहजहाँ ने उन कारीगरों के अंगच्छेदन आदि करा दिये थे, या मरवा दिया था, जिन्होंने ताजमहल का निर्माण कराया था। परंतु इसके पूर्ण साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं।

4. ताजमहल आगरा नगर के दक्षिण छोर पर एक छोटे भूमि पठार पर बनाया गया था। इतिहासकारों के अनुसार शाहजहाँ ने इसके बदले जयपुर के महाराजा जयसिंह को आगरा शहर के मध्य एक वृहत महल दिया था।

5. ताजमहल के निर्माण की अनुमानित कीमत में भी भिन्नताएं हैं, फिर भी कुल मूल्य लगभग 3 अरब 20 करोड़ रुपए, उस समयानुसार आंका गया है, जो कि वर्तमान में खरबों रुपयों से भी अधिक हो सकता है।

6. ताजमहल मुग़ल वास्तुकला का उत्कृष्ट नमूना है। इसकी वास्तु शैली भारतीय
, फ़ारसी, तुर्क और इस्लामी वास्तुकला के घटकों का अनोखा मिश्रण है।

7. ताजमहल को सम्पूर्ण भारत एवं एशिया से लाई गई सामग्री से निर्मित किया गया था। कुल मिला कर अठ्ठाइस प्रकार के बहुमूल्य पत्थर एवं रत्न श्वेत संगमर्मर में जड़े गए थे।

8. ताज महल का केन्द्र बिंदु है, एक वर्गाकार नींव आधार पर बना श्वेत संगमर्मर का मक़बरा। जिसमें एक विशाल वक्राकार द्वार है। इस इमारत के ऊपर एक वृहत गुम्बद सुशोभित है। मुख्य आधार के चारो कोनों पर चार विशाल मीनारें स्थित हैं।

9. इस कॉम्प्लेक्स को घेरे है विशाल 300 वर्ग मीटर का चारबाग, एक मुगल बाग। इस बाग में ऊँचा उठा पथ है। यह पथ इस चार बाग को 16 निम्न स्तर पर बनी क्यारियों में बांटता है।

10. बाग के मध्य में एक उच्चतल पर बने तालाब में ताजमहल का प्रतिबिम्ब दृश्यमान होता है। यह मकबरे एवं मुख्यद्वार के मध्य में बना है। यह प्रतिबिम्ब इसकी सुंदरता को चार चाँद लगाता है।

11. 1857 के भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान, ताजमहल को ब्रिटिश सैनिकों एवं सरकारी अधिकारियों द्वारा काफी विरुपण सहना पड़ा था। इन्होंने बहुमूल्य पत्थर एवं रत्न को खोद कर दीवारों से निकाल लिया था।

12. वर्ष 1908 के लगभग यहाँ के बागों को ब्रिटिश शैली में बदला गया था। वही शैली आज भी दर्शित हैं।

13. विश्व की अनेक इमारतें और स्मारक
ताजमहल से प्रेरित होकर बने हैं। चीन के शेनज़ेन शहर के पश्चिमी भाग में स्थित विंडो ऑफ़ द वर्ल्ड थीम पार्क में ताजमहल की प्रतिकृति बनी है।

14. वर्ष 1983 में ताजमहल को युनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।

15. ताजमहल प्रत्येक वर्ष 20 से 40 लाख दर्शकों को आकर्षित करता है, जिसमें से 2,00,000 से अधिक विदेशी होते हैं।

16. प्रशंसित पर्यटन स्थलों की सूची में ताजमहल सदा ही सर्वोच्च स्थान लेता रहा है। अब यह आधुनिक विश्व के सात आश्चर्यों में प्रथम स्थान पाया है। यह स्थान विश्वव्यापी मतदान से प्राप्त हुआ था जहाँ इसे दस करोड़ मत मिले थे।  

 

Sunday, March 17, 2019

13 Interesting Facts about "Monkey"


There are many interesting and amazing facts about Monkey. Out of them, 13 interesting facts about Monkey are as follows:

1. Monkeys are basal Haplorhini as sister of the Tarsiiformes. It consists of the Catarrhini and Platyrrhini, and other extinct groups. 

2. They are chiefly found in tropical countries. Hence we find them in India, Africa and South America.

3. Many monkey species are tree-dwelling, although there are species that live primarily on the ground.

4. Monkeys range in size from 117 milli metres with just over 100 grams in weight, to almost 1 metre long and weighing up to 36 kilograms.

5. The monkey’s diet includes walnuts, berries and fruits.

6. Monkeys are generally considered to be intelligent. They have great skills of climbing which is fun to watch.

7. Monkeys behave likes humans and are smarter and have a strong brain. Like humans, they can use tools.

8. The most peculiar feature that one finds in the monkey is the art of imitation. Once he sees something, he tries to copy it.

9. A trained monkey plays very useful and pleasing tricks. Jugglers often keep trained monkeys. They earn their living by showing their tricks.

10. Monkey brains are eaten as a delicacy in parts of South Asia, Africa and China. Monkeys are sometimes eaten in parts of Africa.

11. A number of countries have used monkeys as part of their space exploration programmes, including the United States and France. The first monkey in space was Albert II.

12. 'Hanuman', a prominent deity in Hinduism, is a human-like monkey god who is believed to bestow courage, strength and longevity.

13. 'Monkey Day' is celebrated on 14th December every year and often also known as 'World Monkey Day' and 'International Monkey Day'. 

Sunday, January 13, 2019

"कुम्भ मेले" के बारे में 15 रोचक तथ्य | 15 Interesting Facts about "Kumbh Mela" in Hindi


कुम्भ मेला के बारे में कई रोचक बातें हैं। उनमें से 15 रोचक बातें निम्नलिखित हैं:

1. कुम्भ मेले का पौराणिक इतिहास समुद्र मंथन से शुरू होता है। समुद्र मंथन से जब अमृत निकला तो उसे कुम्भ (घड़े) में रखा गया। उस कुम्भ को असुरों ने पहले ले लिया लेकिन भगवान विष्णु ने अमृत कलश असुरों से छीन लिया और भागते समय अमृत चार स्थानों पर गिरा, इसी कारण इन चारों स्थान पर कुम्भ मेले का आयोजन होता है।

2. कुम्भ मेला हिन्दुओं की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है जहां पवित्र नदी में डुबकी लगाने के लिए लाखों हिन्दू एक स्थान पर एकत्रित होते हैं।

3. पारम्परिक रूप से भारत में चार जगह पर कुम्भ मेलों का आयोजन होता है पहला प्रयाग कुम्भ मेला, दूसरा हरिद्वार कुम्भ मेला, तीसरा नासिक कुम्भ मेला और चौथा उज्जैन सिंहस्थ।

4. माघ माह में आयोजित होने वाले महा कुम्भ का आयोजन प्रयागराज में होता है। प्रयाग में हिंदू धर्म से तीन पावन नदियों का समावेश होता है, जिसमें गंगा, यमुना और सरस्वती एक साथ बहती हैं।

5. कुम्भ मेले को दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक मेले की मान्यता मिली है। कुम्भ एक ऐसा मेला है जिसमें देश से ही नहीं विदेशी भक्तों की संख्या भी बहुत अधिक होती है। 


6. कुम्भ का प्रमुख आकर्षण साधु-संतों के 13 अखाड़े होते हैं। हालांकि अब इसमें दो अखाड़े और आ गए हैं। ये अखाड़े हैं- किन्नर अखाड़ा और महिला नागा साधुओं का अखाड़ा। 

 7. कुम्भ में आयोजनों में शोभायात्रा का महत्वपूर्ण स्थान है। ये शोभायात्रा दुनियाभर से आने वाले लोगों का स्वागत कर कुम्भ मेले के आयोजन को सूचित करने के लिए निकाली जाती है। शोभायात्रा में साधु-संत अपनी टोलियों के साथ बड़े धूम-धाम के साथ प्रदर्शन करते हुए कुम्भ में पहुँचते हैं।

8. मकर संक्रांति से हर दिन कुम्भ का पवित्र माना जाता है, पर कुछ तिथि बेहद ख़ास होती हैं। इन्ही तिथियों को स्नान को शाही स्नान या राजयोगी स्नान कहते हैं। अखाड़ों के शाही स्नान के बाद ही आम जनता को स्नान करने का मौका मिलता है। 

9. तकरीबन दो महीने तक चलने वाले कुम्भ महापर्व के दौरान स्नान की कुछ विशेष तिथियाँ सुनिश्चित हैं उनमें से प्रमुख हैं : मकर संक्रांति, पौष पूर्णिमा, मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी, माघी पूर्णिमा, महाशिवरात्रि।

10. प्रयागराज में हर साल माघ मेले का आयोजन किया जाता है, जो कि मकर संक्रांति के दिन से शुरू होकर महाशिवरात्रि तक रहता है। ठीक इसी तरह अर्ध कुम्भ का आयोजन 6 सालों में एक ही बार होता है। जिसके बाद महाकुंभ के आयोजन की मान्यता है जो 12 सालों में एक बार पड़ता है।

11. कुम्भ मेला में बनने वाले अस्थाई शहर से तकरीबन 70 लाख से अधिक लोगों को कमाई का अवसर मिलता है। यहां छोटे से बड़े हर तरह के व्यवसाय होते हैं। पूरे 50 दिन ही नहीं बल्कि इससे पहले और कुम्भ खत्म होने के बाद तक लोगों को रोजगार यहां मिलता है।

12. मान्यता है कि कुम्भ में स्नान करने से व्यक्ति के न केवल पाप खत्म होते हैं बल्कि उसे मोक्ष की प्राप्ति भी होती है। देवलोक में जाने का रास्ता कुम्भ स्नान से जुड़ा है।

13. 2019 के कुम्भ मेले के लिए रेलवे ने करीब 700 करोड़ का निवेश किया है। कुम्भ के लिए 41 परियोजनाएं बनाई गयी हैं। इसके अलावा 800 विशेष ट्रेन प्रयागराज के लिए शुरू की गयी हैं।

14. इस बार 2019 में श्रद्धालुओं की सुविधाओं का ख्याल रखते हुए कुम्भ में पांच सितारा सुविधाओं से लैस टेंट सिटी भी बनाई गयी हैं इनमें श्रद्धालुओं को Wi-Fi एवं अन्य तकनीकी सुविधाएं भी मुहैया कराई जायेंगी। इन लग्जरी टेंट हाउस का किराया सुविधा के हिसाब से अलग-अलग है।

15. कुम्भ मेले को यूनेस्को (UNESCO) की मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में शामिल किया गया है। 




  

Tuesday, November 21, 2017

"गुर्दे (किडनी)" के बारे में 21 रोचक तथ्य | 21 Interesting Facts about "Kidney" in Hindi


गुर्दे (Kidney) के बारे में कई रोचक बातें हैं। उनमें से 21 रोचक बातें निम्नलिखित हैं:

1. गुर्दे (Kidney) की रचना बड़ी अटपटी है और उसके कार्य अत्यंत जटिल हैं। उनके दो प्रमुख कार्य हैं- हानिकारक अपशिष्ट उत्पादों और विषैले कचरे को शरीर से बाहर निकालना और शरीर में पानी, तरल पदार्थ, खनिजों आदि का नियमन करना।

2. गुर्दे शरीर में फिल्टर का कार्य करते हैं और दूषित रक्त और दूषित विषाक्त को शरीर से बाहर निकालते हैं, इसलिए इन्हें शरीर का प्राकृतिक फिल्टर भी कहा जाता है।

3. स्त्री और पुरुष दोनों के शरीर में सामान्यत: दो गुर्दे (किडनी) होते हैं।

4. गुर्दे पेट के अंदर, पीछे के हिस्से में, रीढ़ की हड्डी के दोनों तरफ (पीठ के भाग में), छाती की पसलियों के सुरक्षित तरीके से स्थित होते हैं।

5. शरीर का लगभग 20-25 प्रतिशत रक्त गुर्दे (किडनी) से पम्प होकर दिल और मस्तिष्क में जाता है।

6. गुर्दे की लम्बाई लगभग 12 से.मी. तक होती है। गुर्दे का वजन लगभग 140 ग्राम तक होता है।

7. स्त्री और पुरुष दोनों में गुर्दे की रचना, स्थान और कार्यप्रणाली एक समान होती है।

8. खून को साफ करके पेशाब (Urine) बनाने का कार्य करने वाले गुर्दे की सबसे छोटी एवं बारीक यूनिट को नेफ्रोन (Nephron) कहते हैं, जो एक छन्नी की तरह होती है। प्रत्येक गुर्दे में लगभग दस लाख नेफ्रोन होते हैं।
 

9. प्रत्येक नेफ्रोन के मुख्य दो हिस्से होते हैं पहला ग्लोमेरुलस (Glomerulus) और दूसरा ट्यूब्यूल्स (Tubules)। इसमें ग्लोमेरुलस (रक्त वाहिनियों का गुच्छा) फ़िल्टर का काम करता है और सर्पाकार ट्यूब्यूल्स आर.ओ. का काम करती है, जो घुले हुए अनावश्यक लवणों को हटा देती हैं।

10. आपको यह जानकर आश्चर्य होगा की ग्लोमेरुलस के नाम से जानी जानेवाली छन्नी प्रत्येक मिनट में लगभग 125 मि.ली. प्रवाही बनाकर प्रथम चरण में 24 घंटों में 180 लीटर पेशाब (Urine) बनाती है। इस 180 लीटर पेशाब (Urine) में अनावश्यक पदार्थ, क्षार और जहरीले पदार्थ भी होते हैं। साथ ही इसमें शरीर के लिए उपयोगी ग्लूकोज तथा अन्य पदार्थ भी होते हैं।

11. ग्लोमेरुलस में बननेवाला 180 लीटर पेशाब (Urine) ट्यूब्यूल्स में आता है, जहाँ उसमें से 99 प्रतिशत द्रव का अवशोषण (Reabsorption) हो जाता है।

12. गुर्दे जरूरी पदार्थों को रख कर अनावश्यक पदार्थों को पेशाब द्वारा बाहर निकालते हैं जो एक अनोखी, अद्‍भुत तथा जटिल प्रक्रिया है।

13. शरीर में जो सात लीटर पानी होता है, उसकी प्रतिदिन करीब 400 बार छनाई और सफाई होती है।

14. क्या आप जानते हैं कि शरीर के दोनों गुर्दों में प्रति मिनट 1200 मि.ली. लीटर खून स्वच्छ होने के लिए आता है जो हृदय द्वारा शरीर में पहुँचनेवाले समस्त खून के लगभग बीस प्रतिशत के बराबर है। इस तरह 24 घंटे में अनुमानत: 1700 लीटर खून का शुद्धीकरण होता है।

15. गुर्दा मानव शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है। गुर्दे की खराबी, किसी गंभीर बीमारी या मौत का कारण भी बन सकती है।

16. खून में उपस्थित लाल रक्तकणों का उत्पादन एरिथ्रोपोएटीन 
(Erythropoietin) की मदद से अस्थिमज्जा (Bone Marrow) में होता है। एरिथ्रोपोएटीन गुर्दे में बनता है।

17. दुनिया में लगभग 500 मिलियन लोग गुर्दे की बीमारियों से ग्रसित हैं।

18. दोनों गुर्दे खराब होने पर व्यक्ति 1 गुर्दा ट्रांसप्लांट (Kidney Transplant) से सामान्य व्यक्ति की तरह जीवन जी सकता है।

19. चिकित्सा शास्त्र के अनुसार मात्र 1 गुर्दे का आधा हिस्सा 2 गुर्दे के बराबर काम कर सकता है।

20. क्या आप को मालूम है कि पेशाब (Urine) की मात्रा में अत्यंत कमी या वृद्धि गुर्दे के रोग का संकेत है।

21. प्रथम गुर्दा (किडनी) ट्रांसप्लांट सन् 1954 में डाॅ. जोसेफ ने दो जुड़े बच्चों पर किया किया था। 



Saturday, November 18, 2017

"गुलाब के फूल" के बारे में 21 रोचक तथ्य | 21 Interesting Facts about "Rose" in Hindi


गुलाब के फूल (Rose) के बारे में कई रोचक बातें हैं। उनमें से 21 रोचक बातें निम्नलिखित हैं:

1. गुलाब (Rose) का वैज्ञानिक नाम रोज़ा (Rosa) है किन्तु अलग-अलग प्रजातियों के अनुसार नाम भिन्न-भिन्न हैं।

2. गुलाब एक झाड़ीदार, कंटीला, पुष्पीय पौधा है जिसमें बहुत अच्छे सुगंधदार फूल होते हैं।

3. गुलाब की 100 से भी अधिक जातियां हैं, जिसमें सबसे अच्छे गुलाब एशिया के माने जाते हैं। जबकि कुछ जातियों के मूल प्रदेश यूरोप, उत्तरी अमेरिका तथा उत्तरी पश्चिमी अफ्रीका भी हैं।

4. गुलाब के फूल कई रंगों के होते हैं, लाल (कई तरह के हल्के एवं गहरे) पीले, सफेद इत्यादि। सफेद फूल के गुलाब को 'सेवती' कहते हैं। कहीं कहीं हरे और काले रंग के भी गुलाब के फूल होते हैं।

5. ऋतु के अनुसार गुलाब के दो भेद भारतवर्ष में माने जाते हैं- सदागुलाब और चैती। सदागुलाब प्रत्येक ऋतु में फूलता है और चैती गुलाब केवल बसंत ऋतु में। चैती गुलाब में विशेष सुगंध होती है और वही इत्र और दवा के काम का समझा जाता है।

6. गुलाब का फूल कोमलता और सुंदरता के लिये प्रसिद्ध है, इसी से लोग छोटे बच्चों की उपमा गुलाब के फूल से देते हैं।

7. गुलाब के इत्र का आविष्कार नूरजहाँ ने किया था। ऐसा कहा जाता है कि गुलाब का इत्र नूरजहाँ ने 1612 ईसवी में अपने विवाह के अवसर पर निकाला था।

8. भारत के राजस्थान प्रदेश की राजधानी जयपुर को 'गुलाबी नगर' कहा जाता है।

9. पौधों की बनावट, ऊँचाई, फूलों के आकार आदि के आधार पर गुलाब को निम्नलिखित पाँच वर्गों में बाँटा गया है:- हाइब्रिड टी, फ्लोरीबण्डा, पॉलिएन्था, मिनीएचर, लता गुलाब।

10. भारत में उत्तर प्रदेश के एटा, कानपुर, गाजीपुर, बलिया और राजस्थान के उदयपुर और चित्तौड़ और जम्मू कश्मीर में हिमाचल और अन्य राज्यों में भी गुलाब की खेती होती है।

11. दक्षिण भारत में गुलाब के उत्पादन के उद्योग चलाये जाते हैं, दक्षिण भारत में फूलों का व्यापार जोर-शोर से चलता है।

12. गुलाब के बहुत सारे औषधीय गुण हैं। गुलाब का फूल कई प्रकार की दवाओं में इस्तेमाल किया जाता है।

13. गुलाब की पंखुडियों और शक्कर से गुलकन्द बनाया जाता है।

14. गुलाब जल और गुलाब इत्र के कुटीर उद्योग चलते है। गुलाब जल आंखों में डालने से इससे आंखों की थकावट दूर हो जाती है ।

15. गुलाब के फूल मंदिरों, मंडपों एवं पूजा स्थलों में ज्यादा प्रयोग होते हैं और ये आर्थिक लाभ का साधन माना जाता है।

16. भारतीय साहित्य में गुलाब के अनेक संस्कृत पर्याय हैं जैसे 'गुलाब पाटल', 'तरूणी', ‘शतपत्री’, ‘कार्णिका’, ‘चारुकेशर’, ‘लाक्षा’ और 'गन्धाढ्य' आदि।

17. गुलाब के फूल को फारसी में 'गुलाब' कहा जाता है और अंग्रेजी में '
रोज़', बंगला में 'गोलाप', तमिल में 'इराशा' और तेलुगु में 'गुलाबि' है। अरबी में गुलाब ‘वर्दे’ अहमर है।

18. शिव पुराण में गुलाब को 'देव पुष्प' कहा गया है। ये रंग बिरंगे नाम गुलाब के वैविध्य गुणों को इंगित करते हैं।

19. हिन्दी के श्रृंगारी कवि ने गुलाब को 'रसिक पुष्प' के रूप में चित्रित किया है। कवि देव ने अपनी कविता में बालक बसन्त का स्वागत गुलाब द्वारा किए जाने का चित्रण किया है। कवि श्री निराला ने गुलाब को पूंजीवादी और शोषक के रूप में अंकित किया है। रामवृक्ष बेनीपुरी ने इसे संस्कृति का प्रतीक कहा है।

20. प्रत्येक वर्ष 7 फरवरी को 'गुलाब दिवस' मनाया जाता है।

21. यूरोप के कुछ देशो ने गुलाब को अपना 'राष्ट्रीय पुष्प' घोषित किया है। 



Wednesday, November 15, 2017

"केले" के बारे में 14 रोचक तथ्य | 14 Interesting Facts about "Banana" in Hindi


केले के बारे में कई रोचक बातें हैं। उनमें से 14 रोचक बातें निम्नलिखित हैं:

1. केले का वैज्ञानिक नाम 'मूसा अक्युमिनात' (Musa acuminat) है।

2. केले की उत्पत्ति लगभग 4000 साल पहले मलेशिया में हुई थी। 


3. वर्तमान में, केलों के उत्पादन में भारत पहले स्थान पर आता है, यहाँ पर पूरे विश्व का लगभग 28 प्रतिशत केलों का उत्पादन किया जाता है।

4. प्रति वर्ष लगभग 1 लाख करोड़ केले खाए जाते हैं जो कि इसे गेहूँ, चावल और मक्का के बाद चौथा सबसे बड़ा खेती का उत्पाद बनाता है।

5. प्रति व्यक्ति ज्यादा केला खाने के मामले में अफ्रीका का युगान्डा पहले नंबर पर आता है। युगान्डा में हर व्यक्ति के द्वारा साल में औसतन 225 किलो के बराबर केला खाया जाता है।

6. केला सबसे ज्यादा सुबह के समय नाश्ते के तौर पर खाया जाता है।

7. सिर्फ दो केला खाने से हमें 90 मिनट तक लगातार बिना रुके काम करने की ऊर्जा मिल जाती है।

8. एसिडिटी (अम्लता) होने पर केला खाने से तुरंत ही आराम मिल जाता है।

9. केला दिमाग की शक्ति को भी मजबूत करता है।

10. खून की कमी (एनीमिया) को दूर करने के लिए केला प्रयोग किया जाता है।

11. केले में लगभग 75% पानी होता है।

12. केला को फ्रिज में रखने से ये जल्दी ख़राब हो जाता है इसलिए इसे फ्रिज में नहीं रखना चाहिए क्योंकि केला गर्म जलवायु वाले स्थानों पर उगाया जाने वाला फल है और इसे कम तापमान में रखने से यह जल्दी ख़राब हो जाता है।

13. अगर किसी इंसान को कहीं पर मच्छर काट ले तो उस जगह पर केले का छिलका रगड़ने पर दर्द तुरंत कम हो जाता है। 

14. केला हिन्दू धर्म में बहुत ही पवित्र फल माना जाता है। किसी भी शुभ-मंगल कार्य में केले के पत्ते को पूजा के लिए और केले को प्रसाद के तौर पर जरूर प्रयोग किया जाता है।  



Monday, November 13, 2017

"कछुआ" के बारे में 12 रोचक तथ्य | 12 Interesting Facts about "Tortoise" in Hindi


कछुआ के बारे में कई रोचक बातें हैं। उनमें से 12 रोचक बातें निम्नलिखित हैं:


1. कछुआ (Tortoise) उरगों के एक गण परिवर्मिगण (किलोनिया) का प्राणी है। यह जल और स्थल दोनों स्थानों में पाया जाता है।

2. कछुओं का गोल शरीर कड़े डिब्बे जैसे आवरण से ढका रहता है। इस कड़े आवरण या खोल को खपड़ा कहा जाता है। यह खपड़ा कड़े पर्तदार शल्कों से ढँका रहता है।

3. कछुए की चारों टाँगें तथा लंबी गरदन बाहर निकली रहती हैं।
 
4. जल और स्थल के कुछए तो भिन्न होते ही हैं, मीठे तथा खारे जल के कछुओं की भी पृथक जातियाँ होती हैं।
 
5. कछुओं का ऊपरी भाग प्राय: उत्तल (उभरा हुआ) और निचला भाग चपटा रहता है। ऊपरी भाग को उत्कवच (कैरापेस) और नीचे वाले को उदरवर्म (प्लैस्ट्रन) कहते हैं।
 
6. कछुओं के मुँह में दाँत नहीं होते, किंतु उनके स्थान पर एक कड़ी हड्डी का चंद्राकर पट्ट (प्लेट) सा रहता है, जिसकी धार बहुत तीक्ष्ण होती है।
 
7. कछुए आसानी से रात के अंधेरे में देख लेते हैं। यह रंगों को देख सकते हैं और पराबैंगनी किरणों से लेकर लाल रंग तक को देख सकते हैं।
 
8. संसार में लगभग 225 जातियों के कछुए हैं, जिसमें सबसे बड़ा समुद्री कछुआ सामान्य चर्मकश्यप होता है। समुद्री कछुआ लगभग 8 फुट लंबा और 30 मन भारी होता है।
 
9. अंटार्कटिका को छोडकर कछुए लगभग सभी महाद्वीपों में पाए जाते हैं।
 
10. कछुओं की प्रजाति विश्व की सबसे पुरानी जीवित प्रजातियों (लगभग 200 मिलियन वर्ष) में से एक मानी जाती है।
 
11. माना जाता है कि ये प्राचीन प्रजातियां स्तनधारियों, चिड़ियों, सांपों और छिपकलियों से भी पहले धरती पर अस्तित्व में आ चुके थे।
 
12. लोगों का ध्यान कछुओं की तरफ आकर्षित करने और उन्हें बचाने के लिए किए जाने वाले मानवीय प्रयासों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 'विश्व कछुआ दिवस' प्रत्येक वर्ष 23 मई को सम्पूर्ण विश्व में मनाया जाता है।  


Wednesday, November 8, 2017

"उत्तराखंड" के बारे में 17 रोचक तथ्य | 17 Interesting Facts about "Uttarakhand" in Hindi


उत्तराखंड के बारे में कई रोचक बातें हैं। उनमें से 17 रोचक बातें निम्नलिखित हैं:

1. उत्तराखंड भारत देश के उत्तर में स्थित एक प्रदेश है। हिंदी में उत्तराखंड का अर्थ उत्तरी क्षेत्र या भाग होता है।

2. अनेक धार्मिक स्थानों और पूजा स्थलों के स्थित होने के कारण उत्तराखंड को 'देव भूमि' भी कहा जाता है।

3. प्रदेश में हिन्दू धर्म की पवित्रतम और भारत की सबसे बड़ी नदियों गंगा और यमुना के उद्गम स्थल क्रमशः 'गंगोत्री' और 'यमुनोत्री' तथा इनके तटों पर बसे वैदिक संस्कृति के कई महत्त्वपूर्ण तीर्थ स्थान हैं।

4. उत्तराखंड की स्थापना 9 नवम्बर 2000 को हुई थी। इस प्रदेश का निर्माण उत्तर प्रदेश का विभाजन करके किया गया।

5.
उत्तराखंड की सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा 'हिंदी' है। 'गढ़वाली' और 'कुमाउंनी' प्रदेश की दो प्रमुख भाषाएं हैं।

6. उत्तराखंड की राजधानी 'देहरादून' है।

7. उत्तराखंड का राजकीय पशु 'कस्तूरी मृग' है।

8. उत्तराखंड का राजकीय पक्षी 'हिमालयन मोनाल' है।

9. उत्तराखंड प्रदेश का उच्च न्यायालय 'नैनीताल' में है।

10. इस प्रदेश के उत्तर में 'तिब्बत', पूर्व में 'नेपाल', पश्चिम में 'हिमाचल प्रदेश' एवं दक्षिण में 'उत्तर प्रदेश' है।

11. उत्तराखंड में कुल 13 जिले हैं। यहाँ लोक सभा की 5 एवं राज्य सभा की 3 सीट हैं। प्रदेश की विधान सभा में 70 सीट हैं।

12. प्रदेश के प्रमुख शहरों में देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल, हरिद्वार, रानीखेत, रुद्रप्रयाग और कौसानी हैं।

13. भारत की प्रथम आई.टी. हिंदी प्रयोगशाला 6 फरवरी 2003 को देहरादून में स्थापित की गयी, जो उत्तराखंड में है। 

14. उत्तराखंड का संदर्भ कई हिन्दू पुराणों एवं ग्रंथों में भी मिलता है।

15. सन 2000 से 2006 तक यह 'उत्तरांचल' के नाम से जाना जाता था। सन 2007 में इस प्रदेश का नाम आधिकारिक रूप से बदलकर 'उत्तरांचल' से 'उत्तराखंड' कर दिया गया।

16. उत्तराखंड पर्यटन की दृष्टि से बहुत समृद्ध प्रदेश है। यहाँ के प्रसिद्द पर्यटन स्थल जिम कार्बेट नेशनल पार्क, रानीखेत, पिथौरागढ़ और नैनीताल हैं।

17. धार्मिक स्थलों में बद्रीनाथ, केदारनाथ, यमनोत्री, गंगोत्री, हरिद्वार और ऋषिकेश प्रमुख हैं। प्रत्येक वर्ष लाखों श्रद्धालु 'चार धाम यात्रा' के लिए
उत्तराखंड आते हैं।  


Monday, October 30, 2017

"तम्बाकू" के बारे में 19 खतरनाक तथ्य | 19 Dangerous Facts about "Tobacco" in Hindi


तम्बाकू से संबंधित कई खतरनाक बातें हैं। उनमें से 19 बातें निम्नलिखित हैं:

1. तम्बाकू, एक प्रकार के निकोटियाना प्रजाति के पेड़ के पत्तों को सुखा कर नशा करने की वस्तु बनाई जाती है।

2. सम्पूर्ण संसार में तम्बाकू का दुरूपयोग सिगरेट के रूप में किया जाता है। भारत में इसका उपयोग अन्य रूप में भी किया जाता है, जैसे- बीड़ी, हुक्का, गुल, गुड़ाकु, जर्दा, किमाम, खैनी, गुटखा आदि।

3. तम्बाकू को जब गुल, गुड़ाकु, या खैनी, के रूप में प्रयोग करते है तो इसके कारण मुंह मे अनेक रोग उत्पन्न हो सकते हैं, जैसे- सफेद दाग, मुँह का नहीं खुल पाना, तथा कैंसर रोग भी हो सकता है।

4. बीड़ी-सिगरेट के पीने से शरीर में व्यापक प्रभाव पड़ता है। इसके कारण हृदय रोग जैसे मायोकोर्डियल इनर्फाकशन तथा अनजाइना हो सकता है। रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) बढ़ सकता है। साँस की बीमारी जैसे ब्रोंकाइटीस, दमा, तथा फेफड़ो का कैंसर हो सकता है।

5. आंकड़े बोलते हैं कि भारत में 48 प्रतिशत पुरूष और 20 प्रतिशत महिला तम्बाकू का सेवन करती हैं। 

6. आंकड़े बोलते हैं कि 90 प्रतिशत मुंह का कैंसर, 90 प्रतिशत फेफड़े का कैंसर और 77 प्रतिशत नली का कैंसर धूम्रपान सेवन करने से होता है।

7. चीन और ब्राजील के बाद भारत तीसरा सबसे बड़ा तम्बाकू उत्पादक देश है।

8. विश्व स्वास्थ्य संगठन (W.H.O.) के मुताबिक दुनिया के करीब 125 देशों में तंबाकू का उत्पादन होता है। 

9. दुनिया भर में हर साल करीब 5.5 खरब सिगरेट का उत्पादन होता है और एक अरब से ज्यादा लोग इसका सेवन करते हैं।

10. विश्व स्वास्थ्य संगठन (W.H.O.) के अनुसार चीन में 30 प्रतिशत लोग, भारत में 11 प्रतिशत लोग, रूस में 5.5 प्रतिशत, अमेरिका में 5 प्रतिशत और जर्मनी में 2.5 प्रतिशत लोग धूम्रपान करते हैं।

11. रिपोर्ट के अनुसार भारत में भारत में तम्बाकू का सेवन करने वाले 60 प्रतिशत लोग सुबह उठने के आधे घंटे के भीतर ही तम्बाकू का सेवन करते हैं।

12. भारत में 10 अरब सिगरेट और 72 करोड़ 50 लाख किलो तंबाकू का उत्पादन होता है।

13. 8 लाख लोगों की हर वर्ष तम्बाकू उत्पादों से सेवन करने के कारण मौतें होती हैं।

14. विश्व में हर 8 सेकेण्ड में धूम्रपान की वजह से एक व्यक्ति की मौत हो रही है।

15. प्रत्येक दिन, 18 वर्ष से कम उम्र के 3200 से अधिक लोग पहली बार धूम्रपान करते हैं। जिनमें से लगभग 2100 युवा धूम्रपान के आदि हो जाते हैं।

16. दुनिया के किसी अन्य देश के मुक़ाबले में भारत में तंबाकू से होने वाली बीमारियों से मरने वाले लोगों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है।

17. भारत में सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पर पाबंदी है, इसके बावजूद लचर कानून व्यवस्था के चलते इस पर अमल नहीं हो पाता।

18. भारत में आर्थिक मामलों की संसदीय समिति पहले ही राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम को मंज़ूरी दे चुकी है। इसका मक़सद तम्बाकू नियंत्रण कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और तम्बाकू के हानिकारक प्रभावों के बारे में लोगों तक जागरूकता फैलाना है।

19. तंबाकू और धूम्रपान के दुष्परिणामों को देखते हुए ही विश्व स्वास्थ्य संगठन (W.H.O.) ने हर साल 31 मई को तंबाकू निषेध दिवस मनाने का निर्णय लिया। तभी से 31 मई को प्रतिवर्ष 'विश्व धूम्रपान निषेध दिवस' के रूप में इसे मनाया जाता है। 



Sunday, October 29, 2017

"छिपकली" के बारे में 10 रोचक तथ्य | 10 Interesting Facts about "Lizard" in Hindi

 
छिपकली के बारे में कई रोचक बातें हैं। उनमें से 10 रोचक बातें निम्नलिखित हैं:

1. 'छिपकली', रैपटाइल परिवार का सबसे बड़ा प्रजाति समूह है। छिपकली के आलावा रैपटाइल परिवार में सांप, घड़ियाल, मगरमच्छ, मेढक, और कछुआ जैसी अन्य प्रजातियाँ भी शामिल हैं।

2. छिपकली का वैज्ञानिक नाम 'लाकेर्टिलिआ' (Lacertilia) है।

3. छिपकली का शरीर उसकी बाहरी त्वचा के मुकाबले काफी तेजी से बढ़ता है और इसी कारण छिपकली समय-समय पर अपनी त्वचा उतारती रहती है।

4. छिपकली की नाक उसकी जीभ में ही होती है और इसी कारण वो किसी चीज़ को सूंघने के लिए अपनी जीभ बाहर निकालती है।

5. हैरानी की बात है कि छिपकली की पूंछ कई बार उसकी सुरक्षा करती है जब भी कोई दुश्मन छिपकली को उसकी पूंछ से पकड़ता है तो छिपकली अपनी पूंछ का वह हिस्सा अपने शरीर से अलग कर देती है।

6. कोमोडो ड्रागन प्रजाति की छिपकली दुनिया की सबसे बड़ी और खतरनाक छिपकली है। यह 10 फुट लम्बी और 300 पौंड भारी होती है। ऐसा कहा जाता है कि कोमोडो ड्रागन इंसानों को भी नहीं छोड़ती है।


7. दुनिया में छिपकली की कुछ प्रजातियां तो ऐसी हैं जो बिलकुल सांप की तरह दिखती हैं। इनके सिर पर कान के छेद और ऑंखें होती हैं जिनसे इन्हें पहचाना जा सकता है।

8. छिपकली अंटार्कटिका महाद्वीप को छोड़कर संसार के हर कोने में पाई जाती है। शरीर की तासीर ठंडी होने के कारण और अंटार्कटिका में बहुत ठंडे वातावरण के कारण वहां इनका जीवन संभव नहीं है।

9. कुछ छिपकलियाँ मूड के अनुसार अपनी त्वचा का रंग बदलती रहती हैं।


10. ऐसा कहा जाता है कि छिपकली का दिल 1 मिनट में 1 हजार बार धड़कता है।  



Tuesday, October 24, 2017

"ब्लूबेरी" (नीलबदरी) के बारे में 17 रोचक तथ्य | 17 Interesting Facts about "Blueberry" in Hindi



ब्लूबेरी (नीलबदरी) के बारे में कई रोचक बातें हैं। उनमें से 17 रोचक बातें निम्नलिखित हैं:
 
1. 'ब्लूबेरी' जिसे 'नीलबदरी' भी कहते हैं, उसका वैज्ञानिक नाम 'वैक्सीनियम कोरीबोसोम' (Vaccinium corymbosum) है। यह बारहमासी फूलों वाले पौधे होते हैं।

2. ब्लूबेरी के पौधे आमतौर पर झुग्गियों के आकार के होते हैं जो आकार में 10 सेंटीमीटर (3. 9 इंच) से लेकर 4 मीटर (13 फीट) ऊंचाई तक हो सकते हैं। यह मुख्यतः उत्तर अमेरिका, यूरोप और एशिया में पाए जाते हैं।

3. वाणिज्यिक उत्पादन की दृष्टि से छोटी प्रजातियों को 'कम बुश ब्लूबेरी' (Low Bush Blueberry) के रूप में जाना जाता है, जबकि बड़ी प्रजातियों को 'उच्च बुश ब्लूबेरी' (High Bush Blueberry) के रूप में जाना जाता है।

4. ब्लूबेरी की पत्तियां पर्णपाती या सदाबहार हो सकती हैं, ये भाले के आकार एवं अंडाकार हो सकती हैं, और 1-8 सेमी (0.3 9 -3.15 इंच) लंबी और 0.5-3.5 सेमी (0.20-1.38 इंच) चौड़ी हो सकती हैं।

5. ब्लूबेरी के फूल घंटी के आकार के, सफेद, पीले गुलाबी या लाल होते हैं।

6. ब्लूबेरी के फल बेर जैसे 5-16 मिलीमीटर (0.20-0.63 इंच) व्यास में होते हैं जो अंत में एक भरी हुई ताज के साथ जैसे दिखते हैं। वे पहले पीले-हरे होते हैं, फिर लाल-बैंगनी, और परिपक्व होने पर काले-बैंगनी होते हैं।

7. ब्लूबेरी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है। इसमें भरपूर एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो संक्रमण से लड़कर इम्यून सिस्टम को मजबूत करते हैं।

8. ब्लूबेरी मुंह, गर्भाशय, लिवर आदि के कैंसर के खतरे को रोकने में मदद करती है। इसमें मौजूद कॉपर,फेनोलिक के तत्व कैंसर की कोशिकाओं को बढ़ने नहीं देते। 

9. ब्लूबेरी के सेवन से पेट की चर्बी कम होती है। इसमें मौजूद पॉलीफेनॉल्स पेट की चर्बी के साथ-साथ मेटाबोलिक सिंड्रोम के खतरे को भी कम करते हैं।

10. ब्लूबेरी विटामिन-सी का अच्छा स्रोत है। इसमें बैक्टीरिया एवं वायरल से लड़ने वाले तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को जीवाणुओं से होने वाली बीमारियों से बचाते हैं।

11. ब्लूबेरी में दिमाग के कार्य करने की शक्ति को बढ़ाने वाले विटामिन-ए, बी-काम्प्लेक्स के अलावा सेलेनियम, ज़िंक आदि पोषक तत्व होते हैं।

12. ब्लूबेरी महिलाओं में दिल के दौरे को कम करने में मदद करती है। इसमें उच्च स्तर के यौगिक तत्व होते हैं जो धमनियों को बढ़ने में मदद करते हैं।

13. ब्लूबेरी आँखों के लिए भी अच्छी होती है। इसमें मौजूद खनिज पदार्थ एवं एंटीऑक्सीडेंट्स आँखों की रोशनी को तेज रखने में मदद करते हैं।

14. ब्लूबेरी में फाइबर भी होता है जो खाने के बीच के अंतराल में भूख का एहसास नहीं होने देता। इसमें बड़ी मात्रा में मैंगनीज़ पाया जाता है जो मेटाबोलाइज़,  प्रोटीन्स, कार्बोहाइड्रेट और फैट को व्यवस्थित रखता है।

15. ब्लूबेरी त्वचा को तरो-ताज़ा बनाये रखती है। इसमें पाए जाने वाले रेस्वेराट्रोल धूप से त्वचा को बचाता है। विटामिन और खनिज तत्व मुंहासे नहीं होने देते।

16. ब्लूबेरी पाचनतंत्र को कार्यशील बनाये रखती है। घुलनशील और अघुलनशील फाइबर का एक प्राकृतिक स्रोत होने के कारण यह हमारे पाचनतंत्र को नियंत्रित करने में भी मदद करती है।

17. ब्लूबेरी स्वाद में खट्टे-मीठे होते हैं। ब्लूबेरी को 'सुपरफूड' (Super Food) भी कहा जाता है।  


Thursday, September 14, 2017

"2 अक्टूबर" के बारे में 24 रोचक तथ्य | 24 Interesting Facts about "2 October" in Hindi


2 अक्टूबर के बारे में कई रोचक बातें हैं। उनमें से 24 रोचक बातें निम्नलिखित हैं:
 
1. 2 अक्टूबर को प्रत्येक वर्ष 'गांधी जयंती' मनायी जाती है। 2 अक्टूबर महात्मा गांधी जी की जन्मतिथि है।

2. गांधी जयंती प्रतिवर्ष राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जन्मतिथि पर उनकी स्मृति को कायम रखने के लिए मनायी जाती है।

3. महात्मा गांधी का पूरा नाम मोहनदास करमचन्द गांधी था। उनका जन्म 2 अक्टूबर, 1869 को पोरबंदर, गुजरात, भारत में हुआ था।

4. उनके पिता का नाम करमचन्द गांधी था जो ब्रिटिश राज के समय काठियावाड़ की एक छोटी सी रियासत (पोरबंदर) के दीवान थे। उनकी माता का नाम पुतलीबाई था।

5. मई 1883 में साढ़े 13 साल की आयु पूर्ण करते ही उनका विवाह 14 साल की कस्तूरबा से कर दिया गया। मोहनदास और कस्तूरबा के चार सन्तान हुईं जो सभी पुत्र थे।

6. गांधी जी को 'महात्मा' के नाम से सबसे पहले 1915 में राजवैद्य जीवराम कालिदास ने संबोधित किया। उन्हें 'बापू' के नाम से भी याद किया जाता है। उन्हें सम्पूर्ण देश 'राष्ट्रपिता' के नाम से संबोधित करता है।

7. महात्मा गांधी को 5 बार नोबेल शांति पुरस्कार (Nobel Peace Prize) के लिए नामित किया गया।

8. महात्मा गांधी अंग्रेजी को एक आयरिश लहजे के एक रंग के साथ बोलते थे क्योंकि उनके पहले अंग्रेजी शिक्षकों में से एक शिक्षक आयरिश थे।

9. महात्मा गांधी 4 महाद्वीपों और 12 देशों में नागरिक अधिकार आंदोलन (Civil Rights Movement) के लिए जिम्मेदार थे।

10. 1913 से 1938 तक वे लगभग 79000 किलोमीटर चले, जो लगभग पृथ्वी का दो बार चक्कर लगाने के बराबर है।

11. महात्मा गांधी ने बोअर युद्ध (Boer War) के दौरान सेना में सेवा की। पर युद्ध के भयानक चित्र को देखकर उनहोंने हिंसा के खिलाफ आवाज़ उठाने की ठान ली।

12. 1939 में गांधीजी ने हिटलर को युद्ध न करने के लिए एक अनुरोध पत्र लिखा। लेकिन यह पत्र ब्रिटिश आर्मी के हस्तक्षेप के कारण कभी भी अपने इच्छित प्राप्तकर्ता के पास नहीं पहुंच पाया।

13. स्टीव जॉब्स महात्मा गांधी के एक प्रशंसक थे।
 
14. गांधी जी ने दुर्बन, प्रिटोरिया और जोहान्सबर्ग में 3 फुटबॉल क्लब की स्थापना में मदद की थी। इन तीनों क्लब का नाम एक ही था - "पैसिव रेसिस्टर्स सॉकर क्लब"।
 
15. भारत की 53 प्रमुख सड़कों और दुनिया के अन्य हिस्सों की लगभग 48 सड़कों का नाम "महात्मा गांधी रोड" है।

16. 30 जनवरी, 1948 को नाथूराम गौड़से नामक व्यक्ति ने गांधी जी की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी जब वे नई दिल्ली के बिड़ला हाउस के मैदान में रात में चहलकदमी कर रहे थे।

17. उन्होंने अपनी मृत्यु के एक दिन पहले कांग्रेस को भंग (dissolve) करने का सोचा था।

18. महात्मा गांधी की शवयात्रा 8 किलोमीटर लंबी थी।

19. ग्रेट ब्रिटेन, वह देश जिसके खिलाफ महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी, उसी देश ने गांधी जी की मृत्यु के 21 साल बाद उनके सम्मान में एक डाक टिकट जारी किया।

20. गांधी जी का शुक्रवार (Friday) के साथ एक अजीब इत्तेफाक था। उनका जन्म शुक्रवार को हुआ था, भारत को स्वतंत्रता शुक्रवार को मिली और इसके साथ-साथ गांधी जी की हत्या भी शुक्रवार को ही की गयी थी।

21. गांधी जी ने अपना जीवन सत्य की व्यापक खोज में समर्पित कर दिया। उन्होंने इस लक्ष्य को प्राप्त करने करने के लिए अपनी स्वयं की गल्तियों और खुद पर प्रयोग करते हुए सीखने की कोशिश की। उन्होंने अपनी आत्मकथा को सत्य के प्रयोग का नाम दिया।

22. गांधी जी ने अपनी आत्मकथा "द स्टोरी ऑफ़ माय एक्सपेरिमेंट्स विथ ट्रुथ " (The Story of My Experiments with Truth) में दर्शन और अपने जीवन के मार्ग का वर्णन किया है।

23. भारत में, गांधी जयंती राष्ट्रीय त्यौहार के रूप में मनायी जाती है। इस दिन सभी सरकारी, अर्धसरकारी कार्यालय, निगम एवं शैक्षिक संस्थानों में सार्वजनिक अवकाश होता है।

24.
2 अक्टूबर के दिन गांधीजी की स्मृति में उनकी समाधि पर फूल, माला अर्पित करते हैं तथा रघुपति राघव राजा राम की कीर्तन ध्वनि, चरखा इत्यादि कार्यक्रमों का आयोजन होता है। 



Tuesday, September 5, 2017

"भारत के राष्ट्रीय ध्वज" के बारे में 17 रोचक तथ्य | 17 Interesting Facts about "National Flag of India" in Hindi


भारत के राष्ट्रीय ध्वज के बारे में कई रोचक बातें हैं। उनमें से 17 रोचक बातें निम्नलिखित हैं:

1. भारत का राष्ट्रीय ध्वज 'तिरंगा' है।

 
2. भारत के राष्ट्रीय ध्वज में सबसे ऊपर केसरिया, बीच में सफ़ेद व सबसे नीचे हरा रंग है। सभी रंग बराबर अनुपात में हैं। सफ़ेद रंग की पट्टी पर झंडे के मध्य में नीले रंग का चक्र है जिसमें 24 तीलियाँ हैं।

3. केसरिया रंग देश की ताकत एवं साहस का परिचायक है। बीच में सफ़ेद रंग की पट्टी शांति एवं सत्यता को दर्शाती है। हरे रंग की पट्टी धरती की उर्वरता, विकास एवं पवित्रता की परिचायक है। चक्र इस बात को दर्शित करता है कि जीवन गतिमान है जबकि मृत्यु निश्चलता का नाम है।

4. भारत के राष्ट्रीय ध्वज की लंबाई व चौड़ाई का अनुपात 3:2 है। चक्र का व्यास सफ़ेद पट्टी की चौड़ाई के लगभग बराबर होता है।

5. भारत के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को 'पिंगली वेंकय्या', एक कृषक और भारतीय स्वतंत्रता सेनानी द्वारा डिजाइन किया गया था।

6. भारत की संविधानकारी सभा द्वारा तिरंगे को भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के रूप में 22 जुलाई 1947 को अंगीकृत किया गया था।

7. भारत के राष्ट्रीय ध्वज को विदेशी धरती पर सबसे पहले 'भीखाजी खामा' के द्वारा लहराया गया था।

8. 'राकेश शर्मा' के द्वारा अन्तरिक्ष पर पहला राष्ट्रीय तिरंगा फ़हराया गया।

9. भारत के राष्ट्रीय ध्वज के निर्माण करने का अधिकार खादी विकास और ग्रामोद्योग आयोग के पास है, जो बदले में इसे क्षेत्रीय समूहों को आवंटित करता है।

10. भारत में ‘फ्लैग कोड ऑफ इंडिया’ (भारतीय ध्वज संहिता) नाम का एक कानून है, जिसमें भारत के राष्ट्रीय ध्वज को फहराने के कुछ नियम-कायदे निर्धारित किए गए हैं।

11. भारत के राष्ट्रीय ध्वज को फहराने का नियम यह है कि इसे सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच दिन के प्रकाश में फहराया जाना चाहिए।

12. किसी भी हालत में फटा हुआ तिरंगा (राष्ट्रीय ध्वज) नहीं फ़हराया जा सकता है।

13. कोई अन्य ध्वज या कोई प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व भारत के राष्ट्रीय ध्वज के ऊपर नहीं होना चाहिए।

14. भारत के राष्ट्रीय ध्वज का उपयोग किसी भी तरह के व्यापार, कपड़ा पहनने, कवर आदि के लिए इस्तेमाल में नहीं किया जाना चाहिए।

15. भारत के संविधान के अनुसार जब किसी राष्ट्र विभूति का निधन होता हैं व राष्ट्रीय शोक घोषित होता हैं, तब कुछ समय के लिए भारत के राष्ट्रीय ध्वज को झुका दिया जाता हैं।

16. देश के लिए जान देने वाले शहीदों और देश की महान शख्सियतों को तिरंगे में लपेटा जाता हैं। इस दौरान केसरिया पट्टी सिर की तरफ और हरी पट्टी पैरों की तरफ होनी चाहिए।

17. लोगो को अपने घरों या आफिस में आम दिनों में भी भारत के राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अनुमति 22 दिसंबर 2002 के बाद मिली।  



Tuesday, August 29, 2017

"भारत के राष्ट्रीय पशु" के बारे में 15 रोचक तथ्य | 15 Interesting Facts about "National Animal of India" in Hindi


भारत के राष्ट्रीय पशु के बारे में कई रोचक बातें हैं। उनमें से 15 रोचक बातें निम्नलिखित हैं:


1. भारत का राष्ट्रीय पशु 'बाघ' है।

 
2. भारतीय वन्यजीवन बोर्ड द्वारा 1972 में शेर के स्थान पर बाघ को भारत के राष्ट्रीय पशु के रूप में अपनाया गया।

3. देश के बड़े हिस्सों में इसकी मौजूदगी के कारण ही इसे भारत के राष्ट्रीय पशु के रूप में चुना गया था।

4. बाघ, भारत के वन्यजीवन की समृद्धि का प्रतीक है।

5. बाघ का शरीर मजबूत एवं रंग भूरा होता है जिसमें काले रंग की पट्टियां होती हैं।

6. बाघ की एक लंबी पूंछ होती है। उसके गद्देदार पैरों में तेज पंजे होते हैं।

7. बाघ का वजन 300 किलो तक का होता है।

8. बाघ शानदार तैराक होते हैं। बाघ 6 किलोमीटर तक की दूरी आराम से तैर सकते हैं।

9. बाघ, बिल्ली के परिवार के अंतर्गत आता है। यह एक बड़ी बिल्ली की तरह प्रतीत होता है।

10. बाघ आम तौर पर जंगलों में पाए जाते हैं।

11. बाघ रक्त और मांस का शौकीन होता है। यह बहुत क्रूर जंगली जानवर होता है।

12. भारत में बाघों की रक्षा के लिए, 'प्रोजेक्ट टाइगर' (Project Tiger) 1973 में शुरू किया गया था।

13. 'प्रोजेक्ट टाइगर' के शुभारंभ के बाद से, बाघों की आबादी में क्रमिक वृद्धि देखी गई है।

14. भारत में, बाघ के शिकार पर पूर्णतया प्रतिबंध है।

15. बाघों की घटती जनसंख्या और इसके संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रत्येक वर्ष 29 जुलाई को सम्पूर्ण विश्व में 'विश्व बाघ दिवस' मनाया जाता है। 



Friday, August 25, 2017

"वेंकैया नायडू" के बारे में 12 रोचक तथ्य | 12 Interesting Facts about "Venkaiah Naidu" in Hindi


वेंकैया नायडू के बारे में कई रोचक बातें हैं। उनमें से 12 रोचक बातें निम्नलिखित हैं:

1. वेंकैया नायडू का पूरा नाम मुप्पवरपु वेंकैया नायडू है।

2. वेंकैया नायडू का जन्म 1 जुलाई 1949 को आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले के चावटपलेम में हुआ था।

3. वेंकैया नायडू ने अपनी स्कूली शिक्षा वी.आर. हाई स्कूल, नेल्लोर से पूरी की और वी.आर. कॉलेज से राजनीति तथा राजनयिक अध्ययन में स्नातक किया। वे स्नातक परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुये।

4. वेंकैया नायडू ने तत्पश्चात आन्ध्र विश्वविद्यालय, विशाखापत्तनम से कानून में स्नातक की डिग्री हासिल की।

5. वर्ष 1974 में वेंकैया नायडू आंध्र विश्वविद्यालय में छात्र संघ के अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित हुए।

6. वेंकैया नायडू की छवि एक तेजतर्रार आन्दोलनकारी के रूप में रही है। छात्र जीवन में वे लोकनायक विचारधारा वाले जयप्रकाश नारायण की तरफ गये और उनसे काफी प्रभावित हुए।

7. जिस समय देश में आपातकाल लगा था, नायडू जी आपातकालीन संघर्ष में हिस्सा लेने लगे और वे आपातकाल के विरोध करने पर कई बार जेल भी गये।

8. 29 वर्ष की उम्र में वेंकैया नायडू वर्ष 1978 में पहली बार उदयगिरी से विधायक बने।

9. सन 1977 से 1980 तीन साल तक वेंकैया नायडू जनता पार्टी के युवा शाखा के अध्यक्ष रहे। सन 2002 से 2004 के समय वे भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाये गये।

10. वर्ष 2017 में 11 अगस्त को वेंकैया नायडू ने भारत के 13वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। उन्होंने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की जगह ली।

11. उप राष्ट्रपति बनने से पहले नायडू जी केंद्र सरकार में शहरी विकास, आवास और शहरी गरीबी उन्मूलन तथा संसदीय कार्य मंत्री थे।

12. अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर लालकृष्ण आडवाणी और नरेंद्र मोदी तक, वेंकैया नायडू जी सबकी पसंद रहे हैं। 



Tuesday, August 22, 2017

"भारत के राष्ट्रीय फूल" के बारे में 18 रोचक तथ्य | 18 Interesting Facts about "National Flower of India" in Hindi


भारत के राष्ट्रीय फूल के बारे में कई रोचक बातें हैं। उनमें से 18 रोचक बातें निम्नलिखित हैं:


1. भारत का राष्ट्रीय फूल 'कमल' है।

 
2. यह वैज्ञानिक रूप से 'नीलंबियन न्यूसिफ़ेरा' (Nelumbian nucifera) के नाम से जाना जाता है।

3. यह एक पवित्र फूल है और कला और प्राचीन भारत की पौराणिक कथाओं में इसका एक अनूठा स्थान रहा है।

4. कमल, आदि काल से ही भारतीय संस्कृति का एक शुभ प्रतीक रहा है।

5. इसके सांस्कृतिक महत्व को दृष्टिगत रखते हुए ही आधुनिक भारत के संस्थापकों द्वारा कमल को भारत के राष्ट्रीय फूल के रूप में प्रतिष्ठापित किया गया।

6. कमल के फूल केवल दो रंगों में मिलते हैं- गुलाबी और सफेद।

7. कमल तालाबों, पोखरों एवं कीचड़ भरी जगहों में पाया जाता है।

8 कमल की पत्तियां सरल और लम्बी, खोखली हवा से भरे डंठल (डंठल) जैसी होती हैं जिससे कि पत्तियों को पानी की सतह पर तैरने में सहयोग मिल सके।

9.कमल का डंठल 100 सेमी तक ऊँचा हो सकता है।

10. कमल के फूल आकार में बड़े एवं आम तौर पर पानी की सतह से ऊपर दिखाई देते हैं।

11. यह एक सुंदर फूल होता है जो देवत्व, प्रजनन, धन और ज्ञान का प्रतीक है।

12. हालांकि मूल रूप से कमल एक भारतीय फूल है, किन्तु आजकल यह चीन, जापान, ऑस्ट्रेलिया, वियतनाम, मिस्र और उष्णकटिबंधीय अमेरिका आदि जैसे देशों में भी पाया जाता है।

13. अशुद्धता से अछूता, कमल का फूल, दिल और मन की पवित्रता का प्रतीक है।

 

14. हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार कमल धन की देवी 'लक्ष्मी' का आसन है।

15. हालांकि कमल मुख्य रूप से एक सजावटी पौधे के रूप में माना जाता है और इसका फूल धार्मिक उद्देश्यों के लिए उपयोग किया जाता है किन्तु इसके कई अन्य उपयोग भी हैं।

16. कमल का शहद आंखों के विभिन्न रोगों के उपचार के लिए उपयोगी है।

17. भारत के अलावा कमल, वियतनाम का भी राष्ट्रीय फूल है।

18. इसकी सुन्दरता मनमोहनी होती है जिसे देखकर ही कहावत का प्रयोग होता है कि 'कीचड़ में भी कमल खिलता है'।  


Wednesday, August 16, 2017

"रामनाथ कोविंद" के बारे में 13 रोचक तथ्य | 13 Interesting Facts about "Ramnath Kovind" in Hindi


रामनाथ कोविंद जी के बारे में कई रोचक बातें हैं। उनमें से 13 रोचक बातें निम्नलिखित हैं:
 
1. रामनाथ कोविंद जी का जन्म 1 अक्टूबर 1945 को कानपुर की डेरापुर तहसील के गांव परौंख में में हुआ था।

2. इनके पिता का नाम माईक लाल और इनकी माता का नाम कलावती था।

3. कोविन्द का सम्बन्ध कोरी (कोली) जाति से है जो उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति के अंतर्गत आती है।

4. रामनाथ कोविंद की प्रारम्‍भिक शिक्षा संदलपुर ब्लाक के ग्राम खानपुर परिषदीय प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय में हुई थी। इसके बाद इन्‍होंने डी.ए.वी. कॉलेज से बी कॉम व डी.ए.वी. लॉ कालेज से विधि स्नातक की पढ़ाई पूरी की।

5. रामनाथ कोविंद ने आई.ए.एस. की तैयारी की और तीसरे प्रयास में इन्‍होंने ये परीक्षा पास की लेकिन प्रथम स्‍थान न आने के कारण इन्‍होंने यह नौकरी ठुकरा दी।

6. 30 मई 1974 को रामनाथ कोविंद का विवाह सविता कोविन्द के साथ हो गया।

7. इन दोंनों के एक पुत्र जिसका नाम प्रशांत और एक पुत्री जिसका नाम स्‍वाति है।

8. कोविंद जी ने दिल्‍ली हाई कोर्ट में 16 साल तक प्रेक्टिस की थी।

9. रामनाथ कोविंद वर्ष 1977 से 1979 तक केन्‍द्र सरकार के वकील भी रहे।

10. कोविंद जी को सबसे पहली बार भारतीय जनता पार्टी ने वर्ष 1990 में घाटमपुर लोकसभा सीट से टिकट दिया लेकिन वह चुनाव हार गए।

11. कोविंद जी वर्ष 1994 में पहली बार राज्‍यसभा के लिए सांसद चुने गये थे और वह 12 साल तक राज्‍यसभा के सदस्‍य रहे थे।

12. कोविंद जी को 8 अगस्‍त 2015 को बिहार का गवर्नर नियुक्‍त किया गया।

13. 25 जुलाई 2017 को रामनाथ कोविंद ने उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जे.एस. खेहर से भारत के 14वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली।